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अग्निकांड के बाद दूसरे दिन भी बाजार बंद, कटला पहुंचे अशोक गहलोत

प्रकाशित: 18 सितंबर 2026 को 04:27 pm बजे
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अग्निकांड के बाद दूसरे दिन भी बाजार बंद, कटला पहुंचे अशोक गहलोत

जयपुर। जयपुर के पुरोहितजी का कटला में भीषण अग्निकांड के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन भी बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को लगी आग ने 20 से अधिक दुकानों और गोदामों को अपनी चपेट में लिया था। पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई में भवन की अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और फायर एनओसी से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। आग के बाद शुक्रवार को मणिहारों का कटला और पुरोहितजी का कटला बंद रहा। जिन व्यापारियों की दुकानें आग की चपेट में आईं, वे दुकानों के बाहर खड़े होकर जले हुए माल और तबाही का मंजर देखते नजर आए। व्यापारियों के अनुसार नुकसान लाखों-करोड़ों रुपए तक पहुंच सकता है। अब उनकी नजर प्रशासन और सरकार की ओर से मिलने वाली संभावित सहायता पर है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को सेठी कॉम्प्लेक्स पहुंचे और प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात कर घटना तथा नुकसान की जानकारी ली। व्यापारियों ने उन्हें अपनी परेशानियां बताईं। गहलोत ने कहा कि व्यापारियों ने नगर निगम की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बाजारों और व्यावसायिक इमारतों में अग्निशमन उपकरणों की समय-समय पर जांच होना जरूरी है। गहलोत ने सरकार से प्रभावित व्यापारियों के बीच अपना प्रतिनिधि भेजकर उनकी समस्याएं सुनने और राहत की संभावनाएं तलाशने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि आग के समय बाजार बंद होने के कारण जनहानि टल गई, लेकिन बाजार खुला होता तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती थी। गहलोत ने दावा किया कि सेठी कॉम्प्लेक्स का फायर फाइटिंग सिस्टम चालू स्थिति में नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी भी बाजार या भवन को अग्निशमन व्यवस्था की जांच के बाद ही अनापत्ति प्रमाण-पत्र दिया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दबाव में एनओसी जारी होने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। इधर, पुलिस ने सेठी कॉम्प्लेक्स के भवन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस रिपोर्ट में अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों के चालू नहीं होने, फायर एनओसी की व्यवस्था और संकरे रास्तों सहित कई बिंदुओं की जांच का उल्लेख है। गुरुवार सुबह लगी आग पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी। संकरी गलियों और दुकानों में रखे ज्वलनशील सामान के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। आग में कपड़ों, प्लास्टिक, चूड़ी-बैंगल्स और अन्य सामान के गोदाम प्रभावित हुए। शुक्रवार को बाजार बंद रहने के दौरान जले हुए सामान के बीच खड़े व्यापारी नुकसान का आकलन करते रहे।