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अजमेर में भाजपा को ‘सद्बुद्धि’ देने कांग्रेस ने किया यज्ञ

नेता बोले- बिकाऊ बनोगे तो टिकाऊ नहीं रहोगे; मेयर चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज

प्रकाशित: 19 सितंबर 2026 को 10:57 am बजे
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अजमेर @ न्यूज डेस्क। नगर निगम मेयर चुनाव से पहले अजमेर की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस की ओर से भाजपा को ‘सद्बुद्धि’ देने के उद्देश्य से यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर कई आरोप लगाए और नगर निगम की राजनीति को लेकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता विवेक पाराशर ने कहा कि जब “खादी और खाकी मिलकर लोकतंत्र का गला घोंटने लगें तो सद्बुद्धि यज्ञ का सहारा लेना पड़ता है।” उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी, चंदा चोरी और अजमेर में फाइलें चोरी करने जैसे आरोप भी लगाए। पाराशर ने पार्षदों को लेकर कहा कि “बिकाऊ बनोगे तो टिकाऊ नहीं रहोगे।” ये सभी आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं। किरण गढ़वाल और अनामिका शर्मा के बीच मुकाबला अजमेर नगर निगम के मेयर पद के लिए कांग्रेस की किरण गढ़वाल और भाजपा की अनामिका शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है। चुनाव को लेकर दोनों दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटे हैं। इसी बीच जयपुर के भाजपा पार्षदों को अजमेर में ठहराए जाने को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज है, जिसे कांग्रेस ने ‘बाड़ेबंदी’ करार दिया है। अजमेर में मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होना है। कांग्रेस और भाजपा दोनों बहुमत जुटाने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बहुमत के लिए चाहिए 41 वोट अजमेर नगर निगम के कुल 80 वार्डों में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं। मेयर पद पर जीत के लिए 41 वोट की जरूरत है। इस हिसाब से कांग्रेस को बहुमत तक पहुंचने के लिए चार अतिरिक्त वोट, जबकि भाजपा को नौ अतिरिक्त वोट की आवश्यकता है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षद सत्ता की चाबी साबित हो सकते हैं। कांग्रेस की ओर से पांच निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा है, जबकि भाजपा नौ निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने का दावा कर रही है। हालांकि इन दावों की वास्तविक तस्वीर मतदान के बाद ही स्पष्ट होगी। मेयर चुनाव में पार्षदों के अंतिम रुख और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। दोनों दलों की नजर निर्दलीयों पर चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही निर्दलीय पार्षदों से संपर्क और समर्थन जुटाने की कोशिशें भी तेज हैं। नगर निगम में स्पष्ट बहुमत किसी एक दल के पास नहीं होने के कारण निर्दलीय पार्षदों का रुख चुनाव परिणाम में निर्णायक साबित हो सकता है। 21 को मेयर, 22 सितंबर को डिप्टी मेयर चुनाव मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को नगर निगम के नए भवन के बैठक कक्ष में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके बाद 22 सितंबर को डिप्टी मेयर का चुनाव होगा। डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन सुबह 11 बजे तक लिए जाएंगे। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से नामांकन पत्रों की जांच होगी और दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा।